|| आर्य समाज के दस स्वर्णिम नियम ||
- सब सत्यविद्या और जो पदार्थ विद्या से जाने जाते हैं, उन सबका आदिमूल परमेश्वर है।
- ईश्वर सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनन्त, निर्विकार, अनादि, अनुपम, सर्वाधार, सर्वेश्वर, सर्वव्यापक, सर्वान्तर्यामी, अजर, अमर, अभय, नित्य, पवित्र और सृष्टिकर्ता है, उसी की उपासना करनी योग्य है।
- वेद सब सत्यविद्याओं का पुस्तक है। वेद का पढ़ना-पढ़ाना और सुनना-सुनाना सब आर्यों का परम धर्म है।
- सत्य के ग्रहण करने और असत्य को छोड़ने में सर्वदा उद्यत रहना चाहिए।
- सब काम धर्मानुसार अर्थात सत्य और असत्य को विचार करके करने चाहिए।
- संसार का उपकार करना इस समाज का मुख्य उद्देश्य है अर्थात शारीरिक, आत्मिक और सामाजिक उन्नति करना ।
- सबसे प्रीतिपूर्वक धर्मानुसार यथायोग्य वर्तना चाहिए।
- अविद्या का नाश और विद्या की वृद्धि करनी चाहिए।
- प्रत्येक को अपनी ही उन्नति से संतुष्ट न रहना चाहिए किन्तु सबकी उन्नति में ही अपनी उन्नति समझनी चाहिए।
- सब मनुष्यों को सामाजिक सर्वहितकारी नियम पालने में परतन्त्र रहना चाहिए और प्रत्येक हितकारी नियम में सब स्वतन्त्र रहें।
|| आर्य प्रतिनिधि सभा ||
ARYA PRATINIDHI SABHA

Sh. Sudarshan Sharma
President
Arya Pratinidhi Sabha, Punjab (Regd.)
Gurudatt Bhawan Chowk, Kishanpura, Jalandhar
संदेश
मानव जीवन के विकास में शिक्षा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शिक्षा मानव मस्तिष्क को सकारात्मकता की ओर मोड़ती है और सभी नकारात्मक विचारधाराओं को हराती है। शिक्षा हमारे जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिये सभी रास्तों को खोल देती है। शिक्षा के ही कारण हमारे पसंदीदा करियर को पाने के कई प्रकार के अवसर भी प्राप्त होते है। शिक्षा एक व्यक्ति को अपनी क्षमता का पता लगाने में मदद करती है, जो बदले में एक मज़बूत और एकजुट समाज को बढ़ावा देती है। विद्यार्थियों में इसी सकारात्मकता का विकास करने के लिये आर्य शिक्षण संस्थाएँ समस्त भारत में कार्यरत है। आर्य कॉलेज, लुधियाना भी इन्हीं संस्थाओं के अन्तर्गत एक यशस्वी शिक्षण संस्थान है, जो विद्यार्थियों को सुरक्षित भविष्य देने के साथ-साथ उनमें उच्च आदर्श व नैतिक गुणों का विकास करने में सहायता करता है। मैं आशा करता हूँ कि विद्यार्थी इन गुणों को धारण करके राष्ट्र में अपना बहुमूल्य योगदान देकर आर्य कॉलेज, लुधियाना का नाम रौशन करेंगे। नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने जा रहे सभी छात्र- छात्राओं को हार्दिक शुभकामनाएँ।

Sh. Prem Bharadwaj
General Secretary
Arya Pratinidhi Sabha, Punjab (Regd.)
Gurudatt Bhawan Chowk, Kishanpura, Jalandhar
संदेश
॥ असतो मा सद्मय, तमसो मा ज्योतिर्मय ॥
शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है मानव को उत्तम संस्कारों से ओतप्रोत करना।आर्य शिक्षण संस्थान महर्षि दयानन्द सरस्वती के बतलाए सिद्धान्तों पर चलते हुए इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु प्रयासरत हैं।आर्य प्रतिनिधि सभा पंजाब रजिः द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों में आर्य कॉलेज लुधियाना का नाम अग्रगण्य है।सन् 1946 से अनवरत उत्तम कोटि की शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ वैदिक संस्कार प्रदान करना इस कॉलेज का ध्येय है। नये सत्र में इस महान् शिक्षण संस्थान में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी वर्ग के उज्जवल भविष्य की कामना है।

Sh. Ashok Paruthi
Registrar Arya Vidya Parishad, Punjab (Regd.)
संदेश
॥ असतो मा सद्मय, तमसो मा ज्योतिर्मय ॥
शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों का सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास ही महाविद्यालय का सर्वोपरि लक्ष्य है। इस लक्ष्य की पूर्ति हेतु महाविद्यालय के प्रधानाचार्या, शिक्षक वर्ग एवं समूचे कर्मचारी वर्ग का अथक परिश्रम एवं प्रयास श्लाघानीय है।भविष्य में भी सभी से ऐसे ही सहयोग एवं श्रम की आशा है ताकि राष्ट्र को सुयोग्य एवं जागरूक नागरिक प्रदान कर सकें। नये सत्र में प्रवेश पाने वाले समस्त विद्यार्थियों को ढेर सारी शुभकामनाएँ।
|| आर्य कॉलेज प्रबन्धकर्तृ सभा ||
ARYA COLLEGE MANAGING COMMITTEE

डॉ. एस.एम. शर्मा
सचिव
आर्य कॉलेज प्रबन्धकर्तृ सभा, लुधियाना।
संदेश
॥ मंगलाचारयुक्तानां नित्यं च प्रयतात्मनाम्। जपतां जुह्वतां विनिपातो न विद्यते ॥
– मनुस्मृति अर्थात – प्रतिदिन शुभ आचरण करने और मन को वश में रखने वालों का तथा जप और होम करने वालों का कभी पतन नहीं होता।
नारी शिक्षा का बीजारोपण करने वाले युग प्रवर्त्तक महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की दूरदर्शिता का प्रस्फुटन अद्य सर्वत्र दृष्टिगोचर होता है। इसी शृंखला में चिरपरिमत नाम है: आर्य प्रतिनिधि सभा पंजाब द्वारा संचालित आर्य कॉलेज लुधियाना। ‘सुदृढ़ नींव ही सशक्त निर्माण का आधार है’ इस धारणा के साथ हमारा आर्य कॉलेज छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिये पूर्णत: प्रतिबद्ध है। सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों का वहन करने वाली यह संस्था छात्र-छात्राओं में मानवोचित गुणों का विकास करके राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दे रही है। अत: नए सत्र में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों के स्वर्णिम भविष्य की मंगलकामना के साथ मैं उनसे यही अपेक्षा करती हूँ कि इस महाविद्यालय में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्राप्त करके पूर्ण आत्मबल एवं विश्वास के साथ अपने उन्नत जीवन की ओर अग्रसर होंगे।

श्री गौरव सरीन
सचिव
आर्य कॉलेज प्रबन्धकर्तृ सभा, लुधियाना।
संदेश
॥ मंगलाचारयुक्तानां नित्यं च प्रयतात्मनाम्। जपतां जुह्वतां विनिपातो न विद्यते ॥
– मनुस्मृति अर्थात – प्रतिदिन शुभ आचरण करने और मन को वश में रखने वालों का तथा जप और होम करने वालों का कभी पतन नहीं होता।
नारी शिक्षा का बीजारोपण करने वाले युग प्रवर्त्तक महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की दूरदर्शिता का प्रस्फुटन अद्य सर्वत्र दृष्टिगोचर होता है। इसी शृंखला में चिरपरिमत नाम है: आर्य प्रतिनिधि सभा पंजाब द्वारा संचालित आर्य कॉलेज लुधियाना। ‘सुदृढ़ नींव ही सशक्त निर्माण का आधार है’ इस धारणा के साथ हमारा आर्य कॉलेज छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिये पूर्णत: प्रतिबद्ध है। सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों का वहन करने वाली यह संस्था छात्र-छात्राओं में मानवोचित गुणों का विकास करके राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दे रही है। अत: नए सत्र में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों के स्वर्णिम भविष्य की मंगलकामना के साथ मैं उनसे यही अपेक्षा करती हूँ कि इस महाविद्यालय में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्राप्त करके पूर्ण आत्मबल एवं विश्वास के साथ अपने उन्नत जीवन की ओर अग्रसर होंगे।

Sh. Rishi Raj Sharma
President
Arya College Managing Committee, Ludhiana

Dr. S.M. Sharma
Vice President
Arya College Managing Committee, Ludhiana

Sh. Gaurav Sareen
Secretary
Arya College Managing Committee, Ludhiana

Dr. Savita Uppal
Member
Arya College Managing Committee, Ludhiana

Sh. Sunil Sharma
Member
Arya College Managing Committee, Ludhiana

Sh. Satyan Bhatia
Member
Arya College Managing Committee, Ludhiana

Sh. Mukesh Kaura
Member
Arya College Managing Committee, Ludhiana

Sh. Ambrish Jain
Member
Arya College Managing Committee, Ludhiana

श्री मुकेश कौरा
सदस्य
आर्य कॉलेज प्रबन्धकर्तृ सभा, लुधियाना।
श्री अम्बरीश जैन
सदस्य
आर्य कॉलेज प्रबन्धकर्तृ सभा, लुधियाना।
